सोमवार, 11 नवंबर 2013

चर्चित पुस्तक"मुझे जन्म दो माँ" के लिये जे.जे.टी.विश्वविद्यालय(विद्यानगरी राजस्थान) की ओर से लेखिका संतोष श्रीवास्तव को पी.एच.डी की मानद उपाधि प्रदान की गई है तथा डीम्ड विश्वविद्यालय (सरदार शहर राजस्थान) में शोध छात्रों के लिये इसे सँदर्भ पुस्तक के रूप में शामिल किया गया है।" संतोष श्रीवास्तव ने स्त्री से जुडे तमाम आयामों पर आठ वर्ष तक कडी मेहनत कर यह पुस्तक लिखी है जो कि अपने आप में एक दस्तावेज है ।"
विनोद टीबडेवाला(कुलाधिपति जे.जे.टी.यू)


सह्याद्री चैनल पर मेरा वक्तव्य

वैश्विक स्तर पर हिन्दी के लिये लेखिकाओं का योगदान विषय पर मुम्बई की साहित्यिक सँस्था आशीर्वाद द्वारा आयोजित सँध्या का सह्याद्री चैनल पर सीधा प्रसारण



रविवार, 20 अक्टूबर 2013



           संतोष श्रीवास्तव को प्रियँवदा साहित्य सम्मान

 मूलचँद मिश्र स्मृति संस्थान (लखनऊ) द्वारा वर्ष 2012 का (सातवाँ ) "प्रियँवदा साहित्य सम्मान" चर्चित लेखिका संतोष श्रीवास्तव को उनके समग्र लेखन पर दिये जाने के निर्णय की घोषणा सँस्था की अध्यक्ष वरिष्ठ लेखिका डॉ मिथलेश मिश्र ने की। सँस्था के निदेशक वरिष्ठ लेखक डॉ सतीशराज पुष्करणा के अनुसार समारोह 20 नवँबर 2013 को लखनऊ में आयोजित किया जायेगा जिसके अँतरगत ग्यारह हज़ार की धनराशि,प्रशस्तिपत्र एवं स्मृतिचिन्ह प्रदान किया जायेगा।  

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

5 अगस्त को मेरे बेटे की पुण्यतिथि थी। ..........लेकिन वो गया कहाँ,मेरे आसपास ही तो है। वो जैसा घर सजाकर रखता था मै वैसा ही सजाकर रखती हूँ,उसकी पसँद का खाना खाती हूँ, जिस रूप जिस पहनावे में मै उसे अच्छी लगती थी,मैं वैसी ही रहती हूँ............मेरा हेमंत मेरे रहते तक रहेगा।